aapkikhabar
aapkikhabar
Aapkikhabar

आप की खबर

जाने और समझें धारा 370 हटाने के ज्योतिषीय कारण ओर प्रभाव को---




जाने और समझें धारा 370 हटाने के ज्योतिषीय कारण ओर प्रभाव को---

Article 370



2019-08-15 06:16:47
: आपकी खबर.कॉम

 




जाने और समझें धारा 370 हटाने के ज्योतिषीय कारण ओर प्रभाव को---




भारत की उपलब्ध (प्रचलित) जन्मपत्रिका में इस समय चंद्रमा में बृहस्पति की दशा चल रही हैl




भारत भूमि के बारे में ज्योतिषीय आंकलन करने के लिए ज्योतिषियों के पास जो आधार है वह है स्वतंत्र भारत की जन्मपत्रिका l




उज्जैन (मध्यप्रदेश) निवासी आदरणीय पंडित सूर्य नारायण व्यास वह मूर्धन्य विद्वान ज्योतिषी थे जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता का मुहूर्त 14 अगस्त की रात्रिकालीन अभिजीत (12 बजे ) या ये कहें की 15 अगस्त की सुबह 00 बजे का निकला था l




स्वतंत्र भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को मध्यरात्रि दिल्ली में हुआ था और कुंडली इस प्रकार है:




भारत के जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर वृष लग्न उदित हो रहा था। राहू – लग्न, मंगल – मिथुन, सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र, शनि – कर्क, बृहस्पति – तुला और केतु – वृश्चिक राशि में विराजमान थे।





इसके विपरीत पाकिस्तान एक दिन पहले बिना मुहूर्त के आजाद हुआl जिसका परिणाम है की आज 71-72 सालों के उपरांत भारत की स्थिति पाकिस्तान से कहीं ज्यादा सुदृढ है l




भारत के लिये यह समय (वर्ष 2019) मिले जुले परिणाम लेकर आने वाला रह सकता है।




लेकिन अगस्त 2019 के बाद हालातों में सुधार दिखाई देने लगेगा। बृहस्पति मार्गी हो जायेगें, शनि भी मार्गी हो जायेंगें। तो इसके काफी सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगेंगें। कुल मिलाकर एक बेहतर वर्षांत की उम्मीद भारत 2019 से कर सकता है। हालांकि यह पूरा साल भारत के प्रत्येक नागरिक के लिये स्वयं को साबित करने वाला साल रहने वाला है। इसलिये देश के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान इसमें शामिल है।





ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि वर्ष 2019 का आरंभ कन्या लग्न में हुआ था जो कि भारत की राशि से देखा जाये तो तीसरा स्थान है। वर्ष लग्न स्वामी बुध हैं जो भारत की कुंडली के अनुसार पंचम घर के कारक हैं। कुल मिलाकर साल 2019 शिक्षा और नई तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी रह सकता है या अपना विशेष मुकाम हासिल कर सकता है। वर्ष लग्न के अनुसार लग्न स्वामी बुध पराक्रम भाव में विचरण करने से भारत अपने पराक्रम एवं मेहनत के बल पर विश्व में भी अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हो सकता है।




 




पराक्रम में बुध के साथ सूर्य के होने से जहां बुधादित्य युति बन रही है वहीं शनि भी इसी घर में विराजमान हैं। जो कि 2019 में भारत के लिये काफी चुनौतिपूर्ण समय के संकेत कर रहे हैं।




 




भारत की राशि के स्वामी चंद्रमा वर्ष कुंडली में सप्तम भाव में शुक्र के साथ गोचर कर रहे हैं। यह संकेत कर रहे हैं कि भारत 2019 में सांस्कृतिक तौर पर दुनिया में अपनी एक विशिष्ट छाप छोड़ सकता है। कला के मामले में दुनिया भर में भारत अपना नाम कमा सकता है। विश्व के अलग-अलग देशों में भारत की पहचान बढ़ेगी। किसी विशेष क्षेत्र में भारत विश्व का नेतृत्व भी कर सकता है।




 




इस वर्ष को आर्थिक रूप से चुनौतिपूर्ण स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है या कह सकते हैं कुछ क्षेत्रों में धंधें में मंदे के संकेत मिल रहे हैं। आर्थिक तौर पर स्थिति बहुत उत्साहजनक नहीं कही जा सकती। वित्तिय घाटा बढ़ने के आसार हैं। इसका कारण है राहू इस समय राशि परिवर्तन करेंगें। निर्यात के मामले में भी भारत को प्रतिद्वंदी देशों से चुनौतियों का सामना इस समय करना पड़ सकता है।




 




बृहस्पति धर्म इत्यादि विषयों से सम्बंधित ग्रह हैं तथा गोचर में शनि का बृहस्पति की राशि में होना धार्मिक न्याय की बात करता है l




बृहस्पति देवताओं के गुरु थे और सही गलत का ज्ञान वही देवताओं को कराते थे और शनिदेव को कर्मों का दंडनायक माना गया है l




अत: कश्मीरी हिन्दू, तीन तलाक और राम मंदिर मुद्दा इत्यादि जो धर्म आधारित है, पिछले कुछ समय से इन पर कार्य हो रहा है l




अब हम आते हैं 5 अगस्त, 2019 के एतिहासिक फैसले पर जब धारा 370 और 35 ए को हटाया गया l




ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने कहा कि धारा 370 हटाने वाले दिन पांच अगस्त 2019 की प्रश्न कुंडली तुला लग्न की बनती है। जहां सूर्य, शुक्र, बुध, मंगल कर्मभाव में स्थित हैं। सूर्य कर्म भाव में दिग्बली हो जाता है और लग्नेश के साथ युति करके स्थित है। वहीं, बुध भाग्य भाव व द्वादशेष के मालिक होकर कर्म भाव में स्थित है। यह दोनों ही स्थितियां ज्योतिषीय गणना अनुसार श्रेष्ठ कारक है, लेकिन मंगल कर्म भाव में नीचस्त होने से कुछ विरोध व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करेगा और तनावपूर्ण स्थिति हो सकती है। जबकि शनि पराक्रम भाव व गुरु के द्वितीय भाव में स्थित होने से भारत की स्थिति बहुत मजबूत बनी हुई है। ऐसे में पड़ोसी देश यदि भारत पर हमला करने का प्रयास गलती से भी करता है तो उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी।




भारत की कुंडली में सिंह राशि अर्थात चतुर्थ भाव भारत के उत्तर दिशा को दर्शाता हैl भारत के उत्तर अर्थात जम्मू कश्मीर के फैसले के समय गोचर का चंद्रमा भारत की कुंडली के पांचवें भाव जो की जम्मू कश्मीर की संपदा को दर्शाता है को लाभ पहुंचने वाला निर्णय बना रहा हैl




चतुर्थ भाव का स्वामी सूर्य का गोचर का तीसरे घर में अर्थात जम्मू-कश्मीर से बारहवें भाव में होना, इस प्रदेश से किसी भी चीज़ के अंत को दर्शाता है जैसे की धारा 370 आदि l




हम सभी जानते हैं कि 10 सितम्बर 2015 से स्वतंत्र भारत की कुंडली में चंद्रमा की महादशा शुरू हुई हैl चंद्रमा भारत की कुंडली में पराक्रम और पड़ोसी देशों से सम्बंधित भाव का स्वामी हैl अत: इस दशा में भारत के पराक्रम का लोहा पूरा विश्व मानेगा क्योंकी चंद्रमा अपनी खुद की राशि में भी है l




राहू जब तृतीय भाव, कर्क राशि से मिथुन राशि की तरफ अर्थात पराक्रम भाव से निकल रहा है तो पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक करता हुआ गयाl




सावधान ओर सतर्क रहने की आवश्यकता--




फिलहाल गोचर में शनि व केतु की युति भारत की कुंडली से आठवें चल रही है l आठवां घर गुप्त कार्यों का होता है l निर्णयों का गुप्त रखा जाना ही सफलता तक पहुंचायेगाl यही युति कोई हमला, दुर्घटना भी दर्शाती है, अत: भारत देश को बहुत सतर्क रहने की जरुरत हैl
भारत की कुंडली के ग्रह योग बहुत मजबूत स्थिति लिए हुए हैं। ऐसे में कश्मीर पर लिया गया धारा 370 हटाने का फैसला हमारे पक्ष में ही जाएगा। हालांकि, कुछ समय तक हमारी सेना को चौकन्ना रहना होगा। फिर ग्रहों की चाल बदलने के बाद स्थिति शांतिपूर्ण रहेगी।




पंडित दयानंद शास्त्री




-




Load more...

Load more...

Latest news of india

We have news in different categories such as special, big news, photo news, entertainment news, Relationship status In hindi , politics, economy, crime, business, health, sports, religion and culture, Lifestyle, crime, technical, local news, Uttar Pradesh, Delhi, Maharashtra, Haryana, Rajasthan, Bihar, Jharkhand, State News etc.